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सन्देश

  • kewal sethi
  • Jul 7, 2020
  • 1 min read

my poem which is this time on contemporary event. sonia said recently that only rahul will decide his future.

this statement has a secret message. this poem tries to decipher it.

सन्देश

सोनिया ने आज कर दिया एहलान

राहुल ही तय करे गा अपना काम

कब उसे क्या करना है, वह जाने

और किसी की बात वह क्यों माने


शोर मचा रहे थे कांग्रैस के नेता छुटभैया

जल्दी से राहुल को लाओं ए मेरी मैया

उस के बिना कांग्रैस का सम्भव नहीं उद्धार

कब तक करते रहें हम आखिर इंतज़ार

निर्णय रुके पड़े हैं उस के न आने से

देर क्यों है उसे अपना हक जताने में

आखिर तो उस को आना है देर सवेर

कहीं हो न जाये इस बीच में अन्धेर

चुनाव अब दूर नहीं आ गया है पास

एक उसी पर है जमी बस अपनी आस

वह आये गा तो तभी बेड़ा हो पार

वरना डूब जायें गे हम बीच मंझधार


सोनिया का सन्देश है उन्हें समझाने को

सही तसवीर उन को औकात बताने को

शोर मत मचाओ यह नहीं है ज़रूरी

हो सकती है उस की कोई मजबूरी

केवल तुम को ही नहीं इस की फिकर

तुम्हें करना नहीं चाहिये इस का जि़कर

आखिर यह पार्टी है मेरी, मेरे परिवार की

इस में कोई मदद आप की दरकार नहीं

कहें कक्कू कवि सदैव रखो इस बात का ध्यान

बिन मांगे सलाह देना करे गा तुम्हें ही परेशान


केवल कृष्ण सेठी

20 जुलार्इ 2012

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