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कौन मरा

  • kewal sethi
  • Mar 16
  • 1 min read

कौन मरा


मेरा दोस्त अपनी कार बहुत तेज़ चलाता है। वास्तव में पूछा जाये तो वह तेज़ नहीं रैश चलाता है। पर उस दिन जब उस ने अचानक कार को ब्रेक मारी तो मेरा सर सामने डैश बोर्ड से टकराते टकराते बचा हांलाकि मैं ने बैल्ट लगा रखी थी।

- क्या हुआ अब। रुक क्यों गये।

- वह सामने देख रहे हो।

- वह मोटी लड़की। उस को देखना है। इस कारण कार रोकी।

- अरे, मोटी लड़की को देखने कार कौन रोकता है। वह दूसरी र्है न।

- हॉं, सुन्दर है।

- सुन्दर नहीं, बहुत सुन्दर है।

- हां, बहुत सुन्दर ही नहीं, बिल्कुल परी लग रही है। पर इस से क्या?

- वह मेरी सहपाठी थी।

- अच्छा, फिर तुम ने उसे लाईन नहीं मारी थी।

- मारी थी पर उस ने घास नहीं डाली।

- अजीब लड़की है। जानते हुये कि तुम गधे हो, फिर भी घास नहीं डाली।

- तुम मेरे दोस्त हो या फिर ...। अरे, अभी भी साथ खड़े कर दो तो आईडियल जोड़ी लगे गी।

- लड़की सिर्फ शकल पर नहीं मरती, उसे कुछ और भी चाहिये।

- गलत बात। लड़की शकल पर ही मरती है।

- हां, शादी के बाद सोचती है कि इस पर मरने के बजाये सचमुच ही क्यों न मर गई।

- तुम्हारे ख्याल से तो हर लड़की मरने का ही सोचती है।

- भाभी जी का क्या ख्याल है।

- हमारी अरेंजड मैरिज थी।

- यानि कि मरने को मौका ही नहीं मिला। फिर भी?

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