top of page

नारी जागरण और इक्कीसवीं सदी

kewal sethi
Aug 19, 2020
1 min read

नारी जागरण और इक्कीसवीं सदी


कल तक इस मुल्क का ऐसा हाल था

इक्कीसवीं सदी तक पहुँचना लगता मुहाल था

कौम का नौजवान बढ़ चुका था हर जगह असरदार था

इस की शहादत वह लुटा हुआ बाज़ार था

हुई कालिज चुनाव में जीत उसे इस तरह मनाया

रास्ते में आई जो मिनी बस उसे अपना बनाया

घूमते रहे शहर की सड़कों पर जलवे दिखाते हुए

पूरे निज़ाम को अपने कौलो करम से चिढ़ाते हुए

लेकिन अफसोस इस का था कि आधी थी बात

हुए थे चुनाव लड़कियों के कालिज में भी, पर चुपचाप

बढ़े गा कैसे यह मुल्क जब आधी कौम पीछे हो

एक पहिया तो सड़क पर दूसरा कीचड़ में नीचे हो

लेकिन कल हुई वह बात कि दिल बाग़ बाग़ हो गया

अंधरी रात में जैसे कोई रोशन चिराग़ हो गया

सुन करिश्मा भोपाल की लड़कियों का तबीयत मचल गई

लूटा था चाट का ठेला, देश की किस्मत बदल गई

अब मुल्क तरक्की की राह पर चलने से रुक नहीं सकता

कोई लाख करे कोशिश नौजवान अब झुक नहीं सकता

कहें कक्कू कवि कि अब तो बस मज़ा आ गया

लगता है जैसे अभी से सन दो हज़ार आ गया


(30 सितम्बर 1986 भोपाल ज्योत टाकीज़ के पास चुनाव की जीत की खुशी में लड़कियों के चाट का ठेला लूटने पर)

Recent Posts

See All
most of my friends

most of our friends were not trained in the school of emotion it was inborn feeling caming from tradition their sense of love was not born in a trice it was there when mother sang lullabies they lived

 
 
 
काकरोच गाथा

काकरोच गाथा कुछ याद उन्हें भी कर लो जो रहते तुम्हारे साथ रक्षा करते हैं तुम्हारी और सम्पत्ति की दिन रात उन के भी तो घर है, उन के भी हैं बीवी बच्चे पर अपने कर्तव्य के प्रति सदैव रहते हैं वह सच्चे बैरिय

 
 
 
Genghis Khan - a tribute

This noble king.was called Genghis Khan. who in his time was of so great renown, That there was.Nowhere in no region. So excellent a lord in all things. He lacked nothing.That belongs to a king. A

 
 
 

Comments


bottom of page