top of page

चुनावी चर्चा

  • kewal sethi
  • Feb 12, 2022
  • 2 min read

चुनावी चर्चा


बैठक में जब मिल बैठे लोग लुगाई चार

होने लगी तब चल रहे चुनाव की बात

पॉंच राज्यों में चुनाव की मची है धूम

सब दल के नेता चारों ओर रहे हैं घूम

किस का पहनाई जाये गी वरमाला

किस सर सेहरा बंधे गा फूलों वाला

हर एक की थी अपनी राय अपनी सोच

सब ने लगाई अपने अनुमानों की दौड़

पोलराईज़ेशन के हैं दिखते सारे आसार

शायद इसी से हो गी चुनाव नैया पार

किसान बहुत नाराज़ हैं दें गे गहरी घात

पर शायद गुंडागर्दी रुकने से बने गी बात

किसी ने कहा चाहे हो जो भी अंजाम

माहौल बिगाडना नहीं रहा कोई थाम

इतनी नीचे स्तर गिरे गा, यह तकलीफ

इस दाम मिली भी तो क्या हो गी जीत

बस नफरत ही फैलाते हैं इन के सारे बोल

कभी मज़हब कभी जाति का बजाते ढोल

कुछ ने कहा बिखर जाये गे मुस्लिम वोट

भाजपा को नहीं, अपनों को दें गे चोट

पैसे की यह सब माया है एक ने फरमाया

और पैसा तो है बस सत्ता दल ने ही पाया

किसी का मत था आप दल लगाये गा सेंध

पंजाब में, गोवा में उन के चल रहे अच्छे पेंच

उत्तराखण्ड में भी वे शायद आ जाये ऊपर

ख्ेाल बिगाड़ने को उन को मिले गा अवसर

अमरिन्दर क्या कमल उगा पाये गे पंजाब में

चन्नी कॉंग्रैस की किश्ती खे लें गे सैलाब में

बोले एक मान अब नहीं कामेडिन न शराबी

उस की बात में दम है मान लें गे पंजाबी

रैलियों पर रोक कुछ को अच्छी लगी बात

शोर शराबा कम हो तो वोटर पाये आराम

एक ने कहा कि रैलियॉं तो होती ही हैं बेकार

अमरीका में नहीं निकलती यह एक भी बार

सब टैलीवीज़न पर ही हो, उन का ख्याल

शॉंति हो चारों ओर, न कोई शोर न बवाल

या फिर आन लाईन ही हो सारा मतदान

जो भी चाहे ज़ोर लगा कर मार ले मैदान

न पुलिय कंट्राल चाहिये न बूथ की ज़रूरत

जल्दी में निपट जाये निकालें ऐसा महूरत

जाने कैसे बात ने रुख पलटा आया नया विचार

चुनाव की सब गड़बड़ी में है छाया भ्रष्टाचार

अगर कारपोरेट पर ऐसा फंदा जाये डाला

किसी को दे कर चंदा न कर पायें घोटाला

एक विचार था डिजिटल करंेसी औषध महान

किस ने किस को दिया हो जाये गी पहचान

ब्लाकचेन ही है सब मुसीबतों का समाधान

सब जानें गे कौन था हम में से बेईमान

पर किसी ने कहा नहीं यह कोई इलाज

फ्रण्ट कम्पिनियॉं बन जायें गी बेशुमार

इतना घुमायें गी हो जाये गी सरकार परेशान

जब तक पता लगा पायें हो जाये गा बंटाधार

एक ने कहा हैद्राबाद से एक सर्वे है आया

पॉंचों ही राज्यों में हो गा भाजपा का सफाया

पर अन्य उत्तर प्र्रदेश को मानते थे इस से बाहर

कम सीट मिलें शायद पर नाव हो जाये गी पार

आखिर में इस पर खतम हुई थी सारी बात

हम तो वोट देने चलें, सो बातों की एक बात

कहें कक्कू कवि समय काटने का अच्छा तरीका

होना तो वही है जो मतदान के मन है बसया


केवल कृष्ण सेठी

11 जनवरी 2022


Recent Posts

See All
west bengal exit polls a poetic response.

west bengal exit polls it is usual to discuss exit polls because they are there. sometimes they are correct, sometimes go haywhere to tune to the idiot box is good pasttime for some while it brings

 
 
 
शीर्षक बाद में

शीर्षक बाद में - हसरत है बस यही कि वह इक बार तो देख ले -- ज़रा ठीक से बताओ, तुम्हारी पेंण्टिंग को कि तुम्हें - मुझ नाचीज़ में वह बात कहॉं जो है इस चित्र में -- दिल को सम्भालो गे तो आये गी जान चित्र

 
 
 
बताईये

बताईये एक बात मुझे आप को है आज बतानी मेरे लिये अहम है आप के लिये बेमानी कालेज में एक लड़की, भला सा है नाम देखती रहती हे मेरी तरफ बिना...

 
 
 

Comments


bottom of page