top of page

घर बैठे सेवा

  • kewal sethi
  • Sep 24, 2021
  • 2 min read

घर बैठे सेवा


कम्प्यूटर आ गया है। अब सब काम घर बैठे ही हो जायें गे। जीवन कितना सुखमय हो गा। पर वास्तविकता क्या है।

एक ज़माना था मीटर खराब हो गया। जा कर बिजली दफतर में बता दिया। उसी दिन नहीं तो दूसरे दिन कोई लाईनमैन आ जाता था। अब?

बिजली दफतर गया। एक कमरे से दूसरे में। उस ने तीसरे कमरे में भेज दिया। यह भी कहा कि चोकीदार बता दे गा, किस व्यक्ति के पास जाना है।

चौकीदार से पूछा। उस ने पूछा क्या शिकायत है। शिकायत बताई मीटर की शिकायत करना है। अपनी जगह से हट गया है। चौकीदार ीक समझ में नहीं आइ्र कि क्या कहे। इतने में एक दूसरा व्यक्ति आ गया। चौकीदार उस से बात करने लगा तो मैं अन्दर दाखिल हो गया। एक डैस्क पर लिखा था। क्या मैं आप की सहायता कर सकता हूॅं। वहॉं गयां। उस से बात शुरू करने वाला ही था कि उस ने एक तीसरे व्यक्ति के पास भेज दिया कि उन से बात कर लो।

उस व्यक्ति के पास गये। उस ने कहा शिकायत नम्बर क्या है। अभी तो शिेकायत बुक ही नहीं हुई, नम्बर क्या होता। उस ने बताया 19122 पर फोन कर उन से अप्वाईंटमैण्ट लो फिर मेरे पास आओ। अब वह नम्बर लगाया। पहले तो उस ने तीन घोषणायें बताई। अब आप नये कनैक्शन के लिये इस पर ाआवेदन कर सकते हैं। अब आप अपनी बिजली बन्द होने की शिकायत इस पर कर सकते हे। अब आप कोई शिकायत हो तो इस पर कर सकते हैंं। घोषनाये ंसामप्त होने के बाद सन्देश आया। ''आप कतार में हैंं। अभी सभी कार्यकर्ता व्यस्त हैं। इंतज़ार का समय एक मिनट''। यह घोषणाा तीन बार एक एक मिनट के अन्तराल के बाद सुनने को मिली। फिर शुरू हुआ — हिन्दी में बात करने के लिये एक दबाये। एक दबा दिया। फिर आया — अपना मोबाईल नम्बर नोट करायें। करा दिया। फिर — यदि बिजली बन्द होने की शिेकायत ​है तो एक दबाये; यदि नया आवेदन हे तो दो दबायें। यदि मीटर की शिकायत है तो तीन दबाये। कुछ और कहने से पहले तीन दबा दिया।

अब अगला कदम — आप की काल कार्यकर्ता को अन्तरित की जा रही है। चलिये कुछ समय लगा पर वह सज्जन भी लार्ईन पर आ गये। अपना कनैक्शन नम्बर डायल करें। कर दिया। अपना मीटर नम्बर डायल करें। कौन याद रखता है पर बिल पास में था, तो कर दिया। अभी आप का कोई जवाब नहीं आया। फिर से डायल कर दिया। फिर — क्या शिकायत है। बताई। उस के बाद —

कनैक्शन आफ। सोचा शिकायत दज्र हो गई।

फिर अन्दर गये, दूसरे वाले को बताया। उस ने कहा — शिकायत का नम्बर क्या है। शिेकायत का नम्बर तो बताया ही नहीं था। क्या बताते। कहा फिर से फोन करें। शिकायत नम्बर मिल जाये तो बताईये।

अब इतना धैर्य था नहीं कि सब कवायद फिर से करते। और परिणाम का भी भरोसा नहीं था। सो घर लौट आये। कम्प्यूटर बाबा को याद करते हुये।

कहते हैं अब सब आसान हो गया है। घर बैठे सेवा का लाभ उठायें। घर तो बैठ गये हैं पर लाभ कैसे उठायें, यह समस्या बाकी रह गई है।


Recent Posts

See All
cause and effect a statistical riddle

cause and effect a statistical riddle a new medicine was invented for preventing heart attack. it was cllimed, it was good for people. statistics were quoted. 120 persons were examined, sixty who us

 
 
 
the hidden life of trees

a very interesting book came up – the hidden life of trees, author peter wholleben, publishers penguin. it is about european forests of north and central europe. the species mentinoned are oak, pine,

 
 
 
was changiz khan cruel

was changiz khan cruel it is the general impression that changez khan was a cruel person. in fact. in that period, cruelty was a regular feature between adversaries but it has to be distinguished that

 
 
 

Comments


bottom of page