top of page
  • kewal sethi

comments on hindi


this is an extract from a book written in the beginning of 19th century. the writer is mirza haider delhvi. the book has been reprinted by urdu academy delhi. it mainly deals with the case against last mughal king bahadur shah zafar and the royal durbar held in delhi in 1903. but as an introduction, this passage and certain comments about hindi writers are there. just for curious people, these views are given here about hindi.


जिस तरह प्यार के मारे बच्चों का असली नाम के इलावा दूसरा नाम रख लेते हैं, इसी तरह उर्दू प्यार का नाम है जो बजाए हिन्दुस्तानी के बोला जाता है. हिन्दुस्तानी कहने से यह मालूम हो जाये गा कि यह ज़बान जो अपने दुसरे नाम उर्दू के साथ मशहूर है तमाम हिंदुस्तान कि ज़बान है. किसी ज़बान कि मजाल नहीं कि इस को आँख भर कर देख सके. उर्दू की असल हिंदी है जो आर्य हफ्त ज़बान मैं से एक है जो श्माली हिंद मैं कहीं कहीं बोली जाती है. बाकी छह ज़बानें पंजाबी, सिन्धी, गुजराती, मराठी, बंगाली और उऱिया हैं. मगर यह मादूद मकामात में बोली जाती है और इन का रवाज ज़यादा नहीं है.

3 views

Recent Posts

See All

hindu rate of growth rajan, ex-governor of reserve bank of India, said that india is fast gravitating to hindu rate of growth. the question is what is hindu rate of growth. the term was first coined b

autocracy i totally agree with rahul gandhi that india is fast becoming autocracy. for his own reasons, he said it but he hit the nail on the head in his usual floundering way. i consulted the concise

तब और अब इन दिनों मेरी पुस्तक मैं अविनीत तो नहीं होना चाहता परन्तु एक महान लेखक के बारे मे में मेरे विचार बदल गय हैं तो उस का कारण बताना अनुचित नहीं हो गा। पचास की दशक में दिल्ली पब्लिक लाईब्रेरी, जो

bottom of page