• kewal sethi

ridiculous

when indo pak affairs are concerned, imagination rules the roost. here is an extract from a pakistani newspaper on the cause of death of sarbjit singh.


पाकिस्तान की कैद में एक जासूस था जो दहशतगर्द् भी था। इस ने बेशुमार पाकिस्तानियोें का खून बहाया था। वह गिरफतार होता है। उस पर मुकद्दमा चलता है। इसे सज़ाये मौत मिलती है। मगर उसे यह सज़ा नहीं दी जाती बल्कि उसे जेल में डाल दिया जाता है। पाकिस्तान के मफलूज हुकमरान इस दहशतगर्द को सज़ा दिलवाना नहीं चाहते हैं। इस लिये वे पाकिस्तानी शहरियों के कातिल को छोड़ने, माफ करने या वापिस उस के वतन भेजने की कोशिश में लग जाते हैं।

जब सब कोशिशें नाकाम हो जाती है तो एक नये प्लान को तरतीब दिया जाता है। प्लान के मुताबिक दहशतगर्द को कहा जाता है कि वह जेल में कुछ शेर शराबा करे और किसी तरह से किसी कैदी से थोड़ा लड़े। इस दौरान वह थोड़ा ज़खमी हो गा और उसे हस्पताल ले जाया जाये गा। और वहां पर अन्सार बरनी जैसे फरिशते उसे वागाह के रास्ते उस के मुल्क ले जायें गे। प्लान खराब हो गया। दहशतगर्द की छोटी सी लड़ाई हादसे की शकल इख्तयार कर गई और दहशतगर्द मारा गया।


how do you react to this? if it was not tragic, it would be good for a laugh.

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