top of page

राज़ सफलता का

  • kewal sethi
  • 17 hours ago
  • 1 min read

राज़ सफलता का


उतना ही काम करो जिस से काम चल जाये।

मगर प्रचार करो इतना तुम्हारा नाम बन जाये।।

जमाये रखो ढेेर फाईलों का अपनी मेज़ पर।

आने वाला करे अचम्बा देख तुम्हारे बोझ पर।।

मीटिंग में भाग लेना पड़े तुम को अगर।

अपना बात सलाह बोलो लच्छे लगा कर ।।

दूसरे जब बोलने लगें, तुम को याद आये।

दूसरी मीट्रिग में बैठे हैं लोग पलकें बिछाये।।

मत सुनो किसी की बस अपनी ही सुनाओ।

इस तरह बैठकों के धुरन्दर तुम कहलाओ।।

जाओं अफसर के सामने भीगी बिल्ली बन कर।

माहतहतों के सामने तुम बन जाओ शेर बबर।।

कहें कक्कू कवि तुम तरीका हमारा अपनाओ।

धाक तुम्हारी जम जाये, जल्दी पदोन्नति पाओ।।

 
 
 

Recent Posts

See All
 हिन्दु धर्म की रक्षा

हिन्दु धर्म की रक्षा कहते हैं जब रोम जल रहा था तो नीरू बंसी बजा रहा था। उस समय कोई व्यक्ति नीरू के पास गया और उसे कहने लगा - - रोम जल रहा है और तुम बंसी बजा रहे हो। नीरू ने जवाब दिया - - क्या मेरी

 
 
 
यादें — रीवा की बात

यादें — रीवा की बात अब वह समय आ गया है जब कुछ करने का उत्साह क्षीण हो गया हैं केवल पुरानी यादें ही रह गई हैं। चलिये इन्हें ताज़ा कर लेते हैं। जब रीवा में कलैटर था तो उस समय सी एस आर ई नाम की योजना आरम्

 
 
 

Comments


bottom of page