• kewal sethi

aamir show

aamir show

in bhagvad gita, the daan is described to be of three kinds. It is satvik when it is given to a deserving person without any anticipation of returns' rajsik when it is done in the routine course of duty; and tamsik when it is given with ulterior motive and in bad grace.

we can view aamir show in the light of above. is the show meant to help people without casting aspersions on any one and is intended to be in the interest of all concerned with no thought for benefit to oneself. is it just part of duty and social responsibilites. or is it with ulterior motive and in bad taste. I feel that the third alternative applies. the motive is not public good but to make money and to be more popular by appearing to care for society.

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