top of page
  • kewal sethi

सुनिये

सुनिये


सुनिये - उस ने कहा।

सुनाईये - में ने कहा

—— क्या सुनें गे आप

—- जो आप सुनायें गी

— असल में मैं आप से नहीं अखिलेश से बात करना चाह रही थी।

— और मैं बीच में आ गया। सारी। दौबारा आये गा तो कह दीजिये गा। दुनिया गोल हैं] फिर आये ग।

— पर तब तक बात याद रहे गी क्या

— खास बात हो गी तो ज़रूर याद रहे गी। अब देखिये] मैं ने भी एक लड़की को खास बात कहना थी और कोई बीच में आ गया। कह नहीं पाया।

— दुनिया गोल नहीं थी तब] दौबारा कह लेते

— पर वह जो आया था] वह परमानैण्टली बीच में आ गया।

——आई एम सारी

—— आप के साथ ऐसा नहीं है। फिर बात कर लीजिये गा।

—— हॉं] ऐसी खास बात नहीं थी।

— गुड] दौबारा कह लीजिये गा जब वह आये] और मैं बीच में न आऊॅं।

— अखिलेश और मेरे बीच कोई नहीं आ सकता।

— मै तो सरटैनली नहीं।

— बाई दि वे] फिर किसी से कभी खास बात नहीं की।

— मौका ही नहीं मिला

— कोशिश करते रहिये। मिले गा ज़रूर। वैसे आप से बात कर अच्छा लगा।

— अभी तो हम ने बात की ही नहीं।

— दुनिया गोल है] मत भूलिये।

12 views

Recent Posts

See All

अनारकली पुरानी कहानी, नया रूप

अनारकली पुरानी कहानी, नया रूप - सलीम, तुम्हें पता है कि एक दिन इस कम्पनी का प्रबंध संचालक तुम्हें बनना है। - बिलकुल, आप का जो हुकुम हो गा, उस की तामील हो गी। - इस के लिये तुम्हें अभी से कम्पनी के तौर

ज्ञान की बात

ज्ञान की बात - पार्थ, तुम यह एक तरफ हट कर क्यों खड़े हो।ं क्यों संग्राम में भाग नहीं लेते। - कन्हैया, मन उचाट हो गया है यह विभीषिका देख कर, किनारे पर रहना ही ठीक है। - यह बात तो एक वीर, महावीर को शोभा

हाय गर्मी

हाय गर्मी यह सब आरम्भ हुआ लंच समय की बैठक में। बतियाने का इस से अव्छा मौका और कौन सा हो सकता है। किस ने शुरू किया पता नही। बात हो रही थी गर्मी की। —— अभी तो मई का महीना शुरू हुआ है। अभी से यह हाल है।

Comments


bottom of page