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राज़ सफलता का

  • kewal sethi
  • Jun 1
  • 1 min read

राज़ सफलता का


उतना ही काम करो जिस से काम चल जाये।

मगर प्रचार करो इतना तुम्हारा नाम बन जाये।।

जमाये रखो ढेेर फाईलों का अपनी मेज़ पर।

आने वाला करे अचम्बा देख तुम्हारे बोझ पर।।

मीटिंग में भाग लेना पड़े तुम को अगर।

अपना बात सलाह बोलो लच्छे लगा कर ।।

दूसरे जब बोलने लगें, तुम को याद आये।

दूसरी मीट्रिग में बैठे हैं लोग पलकें बिछाये।।

मत सुनो किसी की बस अपनी ही सुनाओ।

इस तरह बैठकों के धुरन्दर तुम कहलाओ।।

जाओं अफसर के सामने भीगी बिल्ली बन कर।

माहतहतों के सामने तुम बन जाओ शेर बबर।।

कहें कक्कू कवि तुम तरीका हमारा अपनाओ।

धाक तुम्हारी जम जाये, जल्दी पदोन्नति पाओ।।

 
 
 

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