top of page

 दो महिलाओं का वार्तालाप

  • kewal sethi
  • Oct 26, 2024
  • 1 min read

 दो महिलाओं का वार्तालाप

 

क. तुम ने रेाका नहीं उसे

ख. अरे, बहुत रोका। 

क. कुछ कह सुन का मना लेती। 

ख. क्या मनाती। अनुनय विनय भी की। पर बे सूद।

क. इतने साल का साथ था, फिर भी।

ख. हॉं कितने साल हो गये। सुख दुख में, बीमारी में, त्येाहारों में साथ साथ रहे। 

क. बच्चों की देख भाल भी किये। 

ख. हॉं जी। बच्चे भी खुश थे। 

क. ज़रूर कोई और आकर्षण रहा हो गा। 

ख. वह तो हो गा ही वरना इस तरह से थोडे़ ही कोई निकल लेता है। 

क. तो अब?

ख. अपना तो यही कहना है जहॉं रहे खुश रहे। 

क. और तुम्हारा क्या हो गा? 

ख. मेरा क्या होना है। काम वाली बाईयों की कमी थोड़े ही है। और मिल जाये गी। 


Recent Posts

See All
किस्सा एक वारदात का - 3

किस्सा एक वारदात का 3। और यह मामला। हुआ यह कि एक थे डा. वाडिया। अच्छे सुलझे हुए शल्य चिकित्सक थे। करीब 3 साल पहले जिले में आए थे। लंदन से एफ आर सी एस थे। हाथ अच्छा था। ऑपरेशन शायद ही कोई नाकामयाब

 
 
 
किस्सा एक वारदात का - 2

किस्सा एक वारदात का 2। इस स्टेज पर यह बताना आवश्यक है कि यह सब क्या है और क्यों है। इस के बिना पाठक को कुछ भी पल्ले नहीं पड़ रहा हो गा। पात्रों का परिचय दिये बिना कहानी शुरू करना नई परिपाटी है और हम ने

 
 
 
किस्सा एक वारदात का

किस्सा एक वारदात का हैलो ।....... हॉ., मै. बोल रहा हूॅ. .........हॉ. हॉ., कहिये ..........हैलो .... गुड मार्निगं सर, मै. शर्मा बोल रहा हूॅ. .......... जी सर .......... जी सर ..........ठीक है सर, मै.

 
 
 

Comments


bottom of page