• kewal sethi

अहंकार

अहंकार


एक स्थान पर पढ़ा कि राम जब अयोध्या लौटे तो कौशल्या माता ने कहा, ‘‘रावण को मार आये’’। राम ने उत्तर दिया - उसे मैं ने नहीं मारा, उसे ''मैं'' ने मार दिया।


कहने का अर्थ यह है कि रावण को उस के अहंकार ने मारा। वह अपने को अति बलवान समझता था। उस ने अपने भाई तक को नाराज़ कर दिया, उस की बात नहीं मानी। और फिर उस ने उस भाई को शत्रु पक्ष में जाने से भी नहीं रोका क्योंकि उसे अभिमान था कि वह अजेय है तथा विभीषण के जाने से भी कोई लाभ शत्रु को होने वाला नहीं है।


यह ‘मैं’ केवल रावण के लिये ही नहीं, सभी के लिये लागू होता है। करण को अपनी दानवीरता का अभिमान था। जब कृष्ण ने उस से सूर्य द्वारा प्रदत्त कवच की माँग की तो वह इंकार नहीं कर पाया यद्यपि उसे ज्ञात हो गया कि माँगने वाला शत्रु पक्ष का है तथा वस्तुतः दान का पात्र नहीं है।


यही बात बाली के लिये भी लागू होती है। जब वामन ने उस से तीन पग भूमि माँगी तो उस के गुरू शुक्राचार्य समझ गये कि इस के पीछे क्या चाल है। उन्हों ने बाली को समझाने का प्रयास किया किन्तु बाली की ज़िद थी कि वह दान देने के अपने वचन से नहीं हटे गा। फलस्वरूप उसे अपने राज्य से वंचित होना पड़़ा।


हरिशचन्द्र के साथ भी यही हुआ। सत्यवादिता का दम भरते हुए वह अपने राज्य से वंचित हुआ, अपनी पत्नि को दूसरे की दासी बनाना पड़ा।


अधिक आगे आयें तो पृथ्वीराज को अपनी वीरता का अहंकार था। इस कारण मोहम्मद गौरी को बन्दी बनाने के पश्चात भी छोड़ दिया तथा अपने राज्य में लौटने दिया।


जब औरंगज़ेब ने अपने पिता शाहजहाँ के बीमार होने पर व्रिदोह कर दिया और दिल्ली की ओर कूच किया तो उस समय तक शाहजहाँ ठीक हो चुका था किन्तु दारा ने स्वयं को ही सक्षम मानते हुए उसे युद्ध में जाने से रोक दिया। परिणाम सामने है।


संसार की अधिकतर त्रासदियाँ (या सुखद घटनायें, दूसरे पक्ष की बात सोचें तो) अहंकार के कारण ही हुई हैं।

2 views

Recent Posts

See All

जीव और आत्मा

जीव और आत्मा वेदान्त का मुख्य आधार यह है कि जीव और परमात्मा एक ही हैं। श्री गीता के अध्याय क्षेत्र क्षेत्रज्ञ में इस का विश्लेषण किया गया है। इस बात को कई भक्त स्वीकार करने में हिचकते हैं। उन का कहना

what does it mean to be an indian

what does it mean to be an indian july 2021 this was the topic of discussion today in our group. it opened with the chairman posing the question 1. should it be hindu centric 2. should it be civic cen

राम सीता संवाद

राम सीता संवाद बाल्मीक आश्रम में अश्वमेध यज्ञ के पश्चात छोड़ा गया लव कुश द्वारा घोड़ा पकड़ने और अयोध्या के सभी वीरों को हारने के पश्चात राम स्वयं युद्ध की इच्छा से वहाॅं पहुॅंचे। लव कुश ने घोड़े को एक वृक