• kewal sethi

अन्याय

अन्याय


कैमरे ने कर लिये कैद तीन मन्त्री देखते हुए अश्लील फोटो ।

इतनी सी बात पर मिल गया सब को मौका हाय तौबा मचाने का।।

विपक्षी दल शोर भी नहीं मचा रहे, बोर हो रहे थे बैठे बैठे बेचारे।

गाली गलौच करते रहते तो समय मिलता नहीं पलक झपकाने का।।

कैमरे वालों को बुलाया था कि विधान सभा की लेते फोटो।

पर क्या करें जब सदस्यों का था प्रयास सभी को सुलाने का।।

इधर उधर झांकते फिरते थे कि कौन क्या कर रहा है देखें।

उन को तो मज़ा आता है ऐसी कोई अलग बात बताने का।।

गई उन तीनों मंत्रियों की नौकरी, इस का बहुत गम है मुझे।

अवसर भी तो नहीं दिया असली मुजरिम को पकड़ाने का।।

कहें कक्कू कवि कसूर यह पूरा विपक्षी दल का है, इसे समझें।

सही में उन का निलम्बन ही उचित अन्त था इस अफसाने का।।


बंगलुरु 9.2.2012

1 view

Recent Posts

See All

कहते हैं सो करते हैं

कहते हैं सो करते हैं अगस्त 2021 चलिये आप को जीवन का एक किस्सा सुनाये । किस्सा तो है काफी लम्बा, उस का हिस्सा सुनाये।। कमिश्नर थे और हो गया था एक साल से ऊपर। कब तबादला हो गा, इस पर थी सब की नज़र।। बैटा

आरसी का आदमी

आरसी का आदमी कामयाबी जब कभी चूमे कदम तुम्हारे दुनिया चाहे इक रोज़ बादशाह बना दे आरसी के सामने खड़े हो आदमी को देखना और सुनो गौर से कि क्या है वह कह रहा शोहरत माॅं बाप बीवी के म्याद पर उतरे पूरी क्या ख्य

तलाश खुशी की

तलाश खुशी की पूछते हैं वह कि खुशी किस चीज़ का नाम है। खरीदना पड़ता है इसे या फिर यह सौगात है।। मिल जाती हे आसानी से या पड़ता है ढूॅंढना। चलते फिरते पा जाते हैं या पड़ता है झूझना।। क्या हैं इसकी खूबियाॅं,